23 मासूमों का हत्यारा 'ज़हरीला कफ सिरप': कंपनी डायरेक्टर गिरफ्तार, लेकिन कौन लेगा सिस्टम की लापरवाही की ज़िम्मेदारी?

By Test Admin2 · Oct 29, 2025

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मध्य प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में ज़हरीले कफ सिरप 'कोल्ड्रिफ' (Coldrif) के कारण 20 से अधिक मासूम बच्चों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है । यह घटना एक बार फिर दवा बनाने वाली कंपनियों की मुनाफाखोरी और हमारे प्रशासनिक निगरानी तंत्र की घोर लापरवाही को उजागर करती है ।

चौंकाने वाला खुलासा
तमिलनाडु स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल्स (Shreesan Pharmaceuticals) द्वारा निर्मित इस कफ सिरप की जाँच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद भयावह हैं। लैब जांच में पता चला कि इस सिरप को 'नॉन-फार्मास्युटिकल ग्रेड केमिकल' (Non-Pharmaceutical Grade Chemical) से तैयार किया गया था । सबसे चिंताजनक यह है कि सिरप में मौजूद डाईएथिलीन ग्लायकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लायकॉल (EG) जैसे जहरीले रसायनों की मात्रा तय सीमा से 488 गुना अधिक पाई गई ।
कंपनी के मालिक ने 100 किलो जहरीला केमिकल खरीदा, जिसका न कोई बिल मिला और न ही खरीद की कोई एंट्री रिकॉर्ड में दर्ज थी ।

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
दवा कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल्स 60 से अधिक प्रोडक्ट बनाती है, लेकिन उसकी फैक्ट्री का कभी नियमित निरीक्षण नहीं हुआ ।
केन्द्र सरकार के निर्देश हैं कि HCI वाले कफ सिरप 4 साल से छोटे बच्चों के लिए प्रतिबंधित हैं, लेकिन सिरप पर ऐसी कोई चेतावनी नहीं लिखी गई थी ।
प्रशासनिक देरी की हद देखिए कि छिंदवाड़ा में सिरप 29 सितंबर को बैन हुआ, जबकि पूरे प्रदेश में यह प्रतिबंध 4 अक्टूबर को लगाया गया—यानी 5 दिन की देरी, जिसकी वजह से कई और मासूमों ने अपनी जान गंवा दी ।

बड़ा एक्शन: डायरेक्टर गिरफ्तार
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई SIT टीम ने तमिलनाडु के चेन्नई में दबिश देकर आखिरकार कंपनी के डायरेक्टर गोविंदन रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया है । रंगनाथन पर ₹20,000 का इनाम भी घोषित था ।
यह गिरफ्तारी एक छोटा-सा कदम है, लेकिन सवाल यह है कि लाभ कमाने के लिए अपना ज़मीर बेच चुकी इन कंपनियों और सोते हुए निगरानी तंत्र के खिलाफ कब कठोर कार्रवाई होगी? यह सुनिश्चित करना होगा कि आम आदमी का परिवार ऐसी घटनाओं में न पिसे और दवा के नाम पर 'धीमा ज़हर' देना हमेशा के लिए बंद हो जाए ।