युद्ध हल नहीं, समस्याएं देता है

By Test Admin2 · Mar 25, 2026

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दुनिया के कई देषों में युद्ध चल रहा है जिसका असर दूसरे देषों पर भी पड़ रहा है। लेकिन असली संकट युद्धग्रस्त देषों की जनता झेल रहीं है। जिनके सामने जीवन जीने का संकट खड़ा हो गया है। जहां गाजा में अब तक इजराईली हमले में 66 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके है जिनमें अधिकांष बच्चे और महिलाएं है। वहां हालात बेहद खराब है अकाल की आषंका जताई जा रहीं है। संयुक्त राष्ट्र ने युद्ध रोकने की अपील भी की है लेकिन इजराइल का कहना है कि हमास को पूरी तरह खत्म करने तक युद्ध जारी रहेगा। वहीं यूक्रेन में भी हालात ठीक नहीं ह ैअब तक 1420 लोग मारे जा चुके है और 6545 लोग घायल है । यूक्रेन से 37 लाख लोग विस्थापित हो चुके है और लगभग 60 लाख विदेषों मंे षरणार्थी है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला किया था। तब से यह जंग जारी है। इजराइल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए काम कर रहा है जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्य क्रम षांतिपूर्ण उद्देष्यों के लिए है। अमेरिका और इजराइल ने युद्ध तो आरंभ कर दिया लेकिन ईरान के सामने वे कमजोर साबित हो रहें है। जहां ईरान अपने पर हुए हमलों का पूरी हिम्मत से जवाब दे रहा है। वहीं इजराइल ने अपने हमलों से दिखा दिया है कि उसमें इंसानियत बची ही नहीं है। जिस तरह से इजराइल ने ईरान में स्कूल पर बमबारी कर करीब 165 मासूमों को मौत के घाट उतार दिया। उन परिवारों पर इस वक्त क्या गुजर रहीं है जिनके घर के चिराग उनसे बिना वजह छीन लिए गए। उनकी मानसिक स्थिति का आप - हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते । यहीं नहीं इजराइल ने एक 6 साल की मासूम बच्ची को भी चारों तरफ से घेर कर मारा वह गुहार लगाती रहीं लेकिन बेरहमियों ने एक ना सुनी। इस तरह के कई किस्से है जो आपको अंदर तक झकझौर सकते है। कि युद्ध में आप कितना कुछ खो सकते है । ईरान हमारा पारंपरिक मित्र रहा है लेकिन हमारे देष के प्रधानमंत्री ने अब तक ईरान के पक्ष में कोई बयान नहीं दिया है। हमारा देष अमेरिका के कहने पर चल रहा है। अमेरिका किसी का नहीं है वह हमारा मित्र नहीं बाॅस बनने की सोच रहा है । तब ही तो भारत को आर्डर पर आर्डर दे रहा है और हमारी सरकार बिना कोई प्रष्न उठाएं उनके कहे अनुसार कदम बढ़ा रहीं है। मासूम बच्चों की मौत पर भी दो षब्द नहीं कहे गए। आखिर ऐसी भी क्या मजबूरी है कि सही को सही और गलत को गलत तक हमारी सरकार कह नहीं पा रही है।
हमारी सरकार की तो यह स्थिति है कि पहले तो समस्या को स्वीकार ही नहीं करती और जब करती है तो इस तरह की आम लोग स्वयं ही हर समस्या का हल खोज लेंगे। पहले कहा कोई समस्या नहीं है फिर कह रहे है कि आपात स्थिति के लिए तैयार रहे। दिल्ली में अभी भी गैस के लिए लंबी - लंबी कतारे देखी जा सकती है।
फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें वे नेहरू जी के एक बयान का मजाक उड़ा रहे है। नेहरू जी ने कहा था कि दूसरे देषों के युद्ध का असर हमारे देष पर भी पड़ता है। इस बात को लेकर प्रधानमंत्री मोदी हंसते है, लेकिन आज क्या ???? फिलहाल भारत का किसी से युद्ध नहीं है फिर भी भारत में मंहगाई बढ़ रहीं है । कई समस्याओं का यहां की जनता सामना कर रहीं है। जब कांग्रेस की सरकार थी उस वक्त के मोदी जी के बयान सुनिए तो लगेगा कि यदि ये सत्ता में आ गए तो सारी समस्याएं हल हो जाएंगी, लेकिन बीते 10 सालों से ये सत्ता में है सोचिए क्या सारी समस्याएं हल हो गई ????
युद्ध किसी समस्या का हल नहीं बल्कि समस्या ही है। युद्ध दो देषों के बीच होता है लेकिन पिसती वहां की मासूम जनता है। कितनी उर्जा, पैसा , समय और इफ्रास्ट्रक्चर बर्बाद होता है, जनमानस की हानि होती है। अहंकार से युद्ध आरंभ होता है लेकिन बरसों तक कई जिंदगियों को रोने को छोड़ देता है।